मुद्दे की बात, कुमारेन्द्र के साथ

501 Posts

1197 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 3358 postid : 1292206

काले धन पर चाबुक

Posted On: 9 Nov, 2016 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

सरकार द्वारा अचानक शाम को अच्छे दिन आने का संकेत कर दिया. किसी भी सरकार द्वारा पहली बार देश में भ्रष्टाचार और काले धन पर करारी चोट की गई है. आश्चर्य की बात है कि देश में ऐसा पहली बार हुआ है जबकि मुद्रा को अचानक से बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया हो. यकीनन ये जमाखोरों में हड़कंप मचने जैसा ही है. कम से कम ये अच्छे दिन उन लोगों के लिए तो कतई नहीं हैं जो पाँच सौ और एक हजार रुपयों के रूप में काले धन का संचय किये होंगे. बिना किसी पूर्व सुगबुगाहट के, बिना किसी पूर्वानुमान के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक से पाँच सौ और एक हजार रुपये के नोटों का बंद किया जाना जहाँ अचंभित सा कर गया वहीं देश की भ्रष्टाचारी व्यवस्था पर अंकुश लगने की तरफ इशारा भी कर गया. ऐसा कदम उठाये जाने से बाजार से नकली मुद्रा के समाप्त होने की सम्भावना प्रबल हुई है. आये दिन लाखों रुपये के नकली नोट चलन में आने की खबर आती रहती थी जो भारतीय अर्थव्यवस्था को अन्दर ही अन्दर खोखला किये जा रही थी. बिना किसी पूर्व सूचना के, बिना किसी पूर्वानुमान के अचानक से इन नोटों का बंद हो जाना काले धन के संग्रहकर्ताओं के लिए मुश्किल पैदा करेगा.

सरकार के इस निर्णय का न केवल देश में वरन देश के पड़ोसी देशों तक में इसका असर दिखाई देगा. इसके संकेत लगातार मिलते रहे है कि नकली मुद्रा का कारोबार देश से ज्यादा देश की सीमा से बाहर से होता है. ऐसे में उनके लिए भी संकट का माहौल बनेगा. उन भ्रष्ट कारोबारियों को भी समस्या पैदा होगी नकली मुद्रा को छापने के कारोबार में संलिप्त थे. उनके द्वारा हाल ही में छापे गए नोट जहाँ बर्बाद हुए वहीं नकली नोट छापने में प्रयुक्त होने वाला कागज और स्याही भी बड़े पैमाने पर बर्बाद हुई है. सरकार का ये कदम ऐसे किसी भ्रष्टाचारी को पकड़ने से कहीं अधिक कारगर सिद्ध होगा. ऐसे कारोबारी अभी संशय की स्थिति में होंगे क्योंकि नयी मुद्रा की बारीकियाँ तलाशना, उन्हें पकड़ना फिर उनके अनुसार नकली मुद्रा का प्रकाशन करना सहज कार्य नहीं है. ऐसे में सरकार द्वारा विदेशी सीमा में घुसपैठ किये बिना वहाँ से संचालित नकली मुद्रा के कारोबार पर भी अंकुश लगाया है.

यद्यपि इस कदम से देश के बाहर जमा काला धन देश के भीतर लाने में किंचित मात्र ही सफलता मिलेगी तथापि देश के भीतर का काला धन आसानी से बाहर आ जायेगा. इस कदम के बाद भी एक सम्भावना उन लोगों के बारे में जताई जा रही है जो अपने काले धन को बजाय मुद्रा के किसी और रूप में परिवर्तित कर चुके हैं, उन्हें कैसे पकड़ा जायेगा? उनके काले धन को कैसे सामने लाया जायेगा? यहाँ समझने की आवश्यकता इस बात की है कि उनके द्वारा किसी भी रूप में धातु, जमीन अथवा किसी अचल संपत्ति के रूप में परिवर्तित मुद्रा को वे भारतीय बाजार में चलन में नहीं ला सकेंगे. ऐसी मुद्रा के बाजार में चलन में न आ पाने से संचित काला धन बाजार को बहुत हद तक प्रभावित नहीं कर सकेगा क्योंकि बाजार को, अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की क्षमता चल मुद्रा में, नकद राशि में अधिक होती है.

अब जबकि सरकार ने काला धन सामने लाने के लिए देश के भीतर के भ्रष्टाचारियों पर चाबुक चला ही दिया है तब आम नागरिकों को भी संयम दिखाने की आवश्यकता है. यहाँ उनको समझना होगा कि सरकार द्वारा मुद्रा को बंद नहीं किया गया है वरन उसका स्वरूप परिवर्तित किया गया है. किंचित शर्तों के बाद लगभग सप्ताह भर के भीतर जनता अपनी मुद्रा को नयी मुद्रा में परिवर्तित कर सकती है. नोटों के बंद किये जाने के बाद भी सरकार की तरफ से पचास दिन का समय दिया गया है, जिसके अंतर्गत जनता अपनी मुद्रा को बैंक और डाकघरों में जमा कर सकती है. इस अवधि में ऐसा करने से वंचित रह जाने वालों के लिए अपने पहचान-पत्र के साथ मुद्रा जमा करने का कार्य इस वित्त वर्ष के अंत तक किया जा सकेगा. नयी मुद्रा बाजार में आने को लगभग तैयार ही होगी क्योंकि सरकार की तरफ से ऐसा कोई भी कदम जल्दबाजी में उठाया गया प्रतीत नहीं होता है, जिससे देश में अचानक से मुद्रा का संकट उत्पन्न हो जाये. बहरहाल, देश के काले धन और भ्रष्टाचार पर इस चोट का सभी वर्गों की तरफ से स्वागत किया गया है. यकीनन इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे.

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 1.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ashasahay के द्वारा
12/11/2016

बहुत अच्छा आकलन–आभार

rameshagarwal के द्वारा
09/11/2016

जय श्री राम डॉ कुमारेंद्रू प्रधानमंत्री का यह कदम बहुत क्रांतकारी है जिसने कालाबाजारियो की नीद उदा दी.किसी को पता तक नहीं चला लेकिन नितीश को छोड़ विरोधी क्यों विरोध कर रहे समझ में नहीं आता .इससे मकान जायदाद और सोने चांदी में कला धन बंद होगा साथ में आतंकवादियो की कमर तोड़ देगा देश हित में हम लोगो को कुछ तकलीफ के लिए तैयार रहना चाइये.सुन्दर विवेचना के लिए बधाई


topic of the week



latest from jagran